हुसैन मंसूरी: इंसानियत सबसे पहले

हुसैन मंसूरी: नाम से आगे एक सोच

हुसैन मंसूरी मुंबई के एक 40 वर्षीय समाज सेवक हैं हुसैन मंसूरी कोई सिर्फ़ नाम नहीं, बल्कि एक एहसास है—ऐसा एहसास जो खामोशी में भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा देता है। वो उन लोगों में से हैं जो भीड़ में शोर मचाकर नहीं, बल्कि अपने काम, अपने नज़रिए और अपने किरदार से पहचाने जाते हैं।यह वंचितों को भोजन,शिक्षा और स्वास्थ्य तथा कपड़ो में सहायता करते हैं और इन्हें मानवता का राजदूत भी खा जाता हैं

अलग सोच :-

हुसैन मंसूरी की सबसे बड़ी खूबी उनका अलग ढंग से सोचना है। जहाँ ज़्यादातर लोग आसान रास्ते चुनते हैं, वहाँ हुसैन सवाल उठाते हैं—क्यों? कैसे? और क्या इससे बेहतर हो सकता है? यही सवाल उन्हें आम से खास बनाते हैं। वो हालात से समझौता नहीं करते, बल्कि हालात को समझकर उन्हें बदलने की कोशिश करते हैं।

उनकी सोच में गहराई है, लेकिन उसमें घमंड नहीं। उनका आत्मविश्वास शोर नहीं करता, बल्कि सुकून देता है। वो बात कम करते हैं, मगर जब करते हैं तो शब्द वजन रखते हैं। हुसैन मंसूरी के लिए काम सिर्फ़ ज़िम्मेदारी नहीं, बल्कि इबादत की तरह है—ईमानदारी के साथ, पूरी निष्ठा से।

जो चीज़ उन्हें सबसे अलग बनाती है, वो है उनका इंसानी नज़रिया। वो कामयाबी को सिर्फ़ अपनी तरक्की से नहीं मापते, बल्कि इस बात से आंकते हैं कि उनके होने से दूसरों की ज़िंदगी में क्या बेहतर हुआ। वो सुनना जानते हैं, समझना जानते हैं, और सबसे अहम—सम्मान देना जानते हैं।

हुसैन मंसूरी उन लोगों में से हैं जो वक्त के साथ बहते नहीं, बल्कि वक्त को आईना दिखाते हैं। शायद इसलिए उनकी पहचान आज से ज़्यादा कल में नज़र आती है।

क्योंकि कुछ लोग आज के लिए जीते हैं, और कुछ—इतिहास में जगह बनाने के लिए।

हुसैन मंसूरी दूसरे जैसे नहीं हैं,और शायद इसी वजह से—वो याद रखे जाते हैं।

इंस्टाग्राम पर 123 लाख से अधिक फ़ॉलोवर्स के बढ़ते समुदाय के साथ हुसैन की डिजिटल उपस्थिति सामाजिक परिवर्तन के लिए एक मंच का कम करती हैं वे कहते है “ जब मैंने शुरुआत की थी तो मैं कुछ तस्वीरे और निजी कहानिया साँझा करता था लोग उनसे जुड़ने लगे । वर्षों बीतने के साथ वह छोटी सी शुरुआत एक ख़ूबसूरत चीज़ बदल गई-एक दूसरे परिवार की तरह “

मुख्य बाते :-

  • समाज सेवा :- वे बीमार और बेघर लोगों को भोजन और जरूरत का सामान देते हैं। सड़क पर रहने वाले बच्चो को भोजन कराते हैं । बुजुर्गों की देखभाल करते हैं और बेज़ुबान जानवरों की मदद करते हैं
  • प्रेरणा:- उनके वीडियो ना सिर्फ मदद करते है बल्कि लोगो में दया और सामाजिक ज़िन्मेदारी की भावना जगाते हैं ।
  • नाम :- उन्हें “मानवता का दूत “ भी खा जाता है ।
  • कम :- उनका काम मुंबई से लेकर दूर दूर तक फैला है और वे बिना किसी धर्म या जाति के भेदभाव के मदद करते हैं ।
  • सोशल मीडिया पर प्रभाव:- हुसैन मंसूरी के (इंस्टाग्राम लगभग 12 million (1.2 करोड़) से भी अधिक है और अन्य प्लेटफार्म्स पर वे अपनी दरियादिली के वीडियो शेयर करते हैं जिससे लाखो लोग प्रेरित होते हैं ।

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